Stories
Thursday, 22 September 2011
मेरे अश्को का कोई अंत नहीं
आसमान भी बरस रहा हैं,
मेरे अश्को से टकरा रहा हैं,
किसमे हैं जोर ज्यादा शायद यह देख रहा हैं,
बरसात तो फिर भी रुक जाएगी,
मेरे अश्को का कोई अंत नहीं,
दिल में हैं दर्द इतने जिसका कोई हिसाब नहीं …
No comments:
Post a Comment
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment